Friday, September 18, 2009

तुने ही तो बताया

तुने ही तो बताया,
जिसे हम से बहुत प्यार हैं;
जिस के लिए हम ही संसार हैं...
जिस की चौखट पर रोते हुए हम जाते हैं,
जो हमारे आंसू पिने को हर पल तैयार है...

वही चौखट भगवान् का द्वार है.

आपने बताये हुए भगवान् को मैंने बहुत ढूंढा,
वापस मैं जब घर आया
आपके चेहरे पे कितनी मुस्कान थी
शायद मेरे भगवान् की वही पहचान थी...
तेरे चेहरे की प्र्यत्येक झुरिया मेरे हर एक वर्षगाठ की दास्ताँ थी...

हर ठोकर पे रोते हुए मैंने तुझे पुकारा
मेरे आंसू आनेसे पहले उन्हें पलको से तुने उतारा
क्यूँ जाऊ माँ मैं मंदिर मस्जिद या गुरुद्वारा
घर की चौखट ही है मुझे हर तीरथ से प्यारा

3 comments:

  1. Wonderfully written!! its really really lucid and I think you have a long way to go and as for me..........Lots to read ! :) good goin !!

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  2. Good words !!!!!!! really like it
    I guess thats what they call coming full circle :0

    Kepp Blogging

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  3. ds one is amazing ........ good start!!!!!!!!

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